अंग प्रदेश

बिहपुर विधान सभा चुनाव 2020 एक समिक्षा


बिहपुर विधानसभा की राजनीत हमेशा से कठिन रही है । भले हीं यह सवर्णों का गढ माना जाता हो पर यहाँ भाजपा के लिए जीत का परचम लहराना काफी टेढी खिर रही है । 2010 के विधानसभा चुनाव में राजद विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को 465 वोट से मात देकर भाजपा से कुमार शैलेन्द्र विधायक बने । पर 2014 में भागलपुर सॉसद सैय्यद शहनवाज हुशैन एवं बिहपुर विधायक से अनबन हुई और सॉसदीय सीट भाजपा को गवानी पड़ी । इसके बाद पुलिस जिला नवगछिया भाजपा दो खेमो में बँट गई । जिसका खामियाजा 2015 के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा और विधानसभा चुनाव में दस हजार से अधीक मतों से भाजपा को हार का सामना करना पड़ । इसका एक बड़ा कारण सवर्णों का विधायक कुमार शैलेंद्र का विरोध रहा । सवर्ण सेना ,ब्रह्मर्षी समाज आदी ने भाजपा का खुल कर विरोध किया ।
अब जब 2020 में बिहपुर विधानसभा चुनाव सामने है तो भाजपा फिर एकबार गुटबंदी में बँटती नजर आ रही है ।भाजपा नेता कुमार शैलेंद्र से सवर्णों की नाराजगी यथावत बनी हुई है । क्षेत्र के कई सवर्ण मुखिया की नाराजगी जगजाहिर हो चुकी है । वही नवगछिया भाजपा जिलाध्यक्ष के द्वारा पद छोड़ने तक नौबत आ गई और इसका एकमात्र कारण संगठन चुनाव में पूर्व विधायक कुमार शैलेंद्र का हस्तक्षेप माना जा रहा है ।
2020 के चुनावी समर में बिहपुर विधानसभा चुनाव में भाजपा नेत्री सह जिला पार्षद कुमकुम देवी पूर्ण रुप से तैयारी में जुटी दिख रही हैं और कुछ हद तक इनकी संगठनात्मक पकड़ एवं कुछ हद तक जनता का समर्थन भी इनके पास पास है ।
दूसरी ओर भाजपा नेता सह सत्यदेव महाविद्यालय के प्रो. भोला कुमर भी चुनाव प्रचार प्रसार में कोई कमी नही कर रहे हैं । इनके जनाधार का श्रेय इनके पुत्र को जाता है जो छात्र संगठन विद्यार्थी परिषद के उच्चपद पर हैं । इनका जनाधार छात्र हीं माना जाता है । दावेदारी का बड़ा कारण एक यह भी है प्रो भोला कुँवर राष्ट्र स्वयं सेवक संघ में सक्रिय हैं और RSS के कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं । इनकी मुख्य नैया RSS औरABVP हीं हैं ।
इन सबसे पड़े नवगछिया जिला उपाध्यक्ष सह रामजानकी ठाकुरबाड़ी के महंथ नवल किशोर दास भी टिकट की दावेदारी 2020 में करेंगे । हलांकी चुनावी तैयारी को महज दिखावा मानते हैं। महंथ जी का एक अलग तरह का समर्थक है जिनमें हर वर्ग और हर समुदाय का समर्थन प्राप्त है । माना जाता है की भाजपा महंथ नवल किशोर दास जी को प्रत्याशी बनाती है तो 50% मुस्लिम समुदाय का वोट भी मिलेगा । इसका बड़ा कारण धर्म गुरु होने के साथ मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद इनकी बहन का मुखिया बनना है एवं बिहपुर ठाकुरबाड़ी के अनुयाई हर गाँव में होना है।संगठन में इनकी एक अलग बेदाग छवी भी है । इनके समर्थक इनको योगी आदित्यनाथ से तुलना करते हैं ।
वहीं अन्य दल भी बिहपुर की राजनीत में हस्तक्षेप को तैयार हैं । राजद के खेमे में कुछ हद तक असामंजस्य की कमी होने के बावजूद बड़ी दावेदारी वर्तमान विधायक वर्षा रानी की होगी । भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फॉन्डेशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष आशुतोष कुमार की नजर भी सवर्ण बाहुल्य होने के कारण बिहपुर विधान सभा पर है और बड़ी दावेदारी पेश कर सकते हैं । माना जाता है की आशुतोष क्रांति के समर्थक इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में है । आम आदमी पार्टी भी तैयारी कर रही है और दावेदारी दे सकती है । पप्पू यादव ,ओवेशी की पार्टी सहित कई पार्टी वोटकटवा के रुप में दावेदारी कर सकती है । पर इस क्षेत्र से पप्पू देव की भी तैयारी हो रही है इसका कारण पूर्व में पूनम देव बिहपुर से चुनाव लड़ चुकी हैं ।
कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है की बिहपुर विधान सभा क्षेत्र को जितना हर दल के लिए बेहद मुश्किल है और इर दल इस क्षेत्र को चुनौती के रुप में लेगा और बेहद रोचक मुकाबला सामने होगा

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